नारी पर अत्याचार “Nari Par Atyachar Essay in Hindi”

Nari Par Atyachar Essay in Hindi

Nari Par Atyachar Essay in Hindi-दोस्तो आजकल हम चारो तरफ देख रहे है की महिलाओं पर दिनादिन अपराध बढते जा रहे है,उन अपराधो को काबू करने की जरुरत है,हमने ये आर्टिकल Nari Par Atyachar Essay in Hindi इसलिए ही लिखा है की शायद इससे कुछ हद तक कुछ लोगो में समझ आ सके और नारी पर अत्याचार कम हो सके.ये अत्याचार काम नहीं हुए तोह महिलाओं पर होने वाले अत्याचार का खाजियाना हम सबको उठाना होगा,हमें महिलाओं की इज्जत करनी होगी उन्हें सम्मान देना होगा,किसी भी महिला को एक सही नज़रिए से देखना होगा,उनका आत्मविश्वास बढाना होगा,उन्हें पुरुसो से कमजोर नहीं समझना चाहिए,तभी हमारा देश उन्नति कर सकेगा,और हमारे देश में चारो ओर सुख शांति होगी.

Nari Par Atyachar Essay in Hindi
Nari Par Atyachar Essay in Hindi
बैसे आपने देखा ही होगा की प्राचीन काल
की औरते बड़ी ही हिम्मत वाली और महान थी,कहते सती साबित्री तोह यमराज से अपने पति
के प्राण भी बचा के ले आई थी,आज कल की औरतो को भी in सब से कुछ सीख लेनी चाहिए और
सोचना चाहिए की अगर वोह चाहे तोह सब कुछ कर सकती है क्योकि जो जन्म दे सकती है वोह
सबकुछ कर सकती है,मेरे कहने का मतलब है की आजकल की औरतो को मर्दों से घबराना नहीं
चाहिए बल्कि उनका डट कर मुकाबला करना चाहिए क्योकि नारी एक शक्ति है और इस शक्ति
से बढकर कुछ भी नहीं.

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महिलाओं पर अत्याचार के कारण और निदान-दोस्तों आज की महिलाओं पर बहुत अत्याचार हो रहे है,आप देखोगे तो पाओगे तोह टीवी चैनल और अखबारो को इस तरह की खबरों से भरा पाओगे,पहले की तुलना में ये अत्याचार काफी बड चुके है,जाहिर सी बात है अगर ये अत्याचार बड़े है तोह इसके कारण भी है.

(1)टीवी चैनल और टॉकीज-

महिलाओं पर हो रहे अत्याचार जैसे की बलात्कार का एक कारण टीवी चैनल है,टीवी chanels या आजकल की फिल्मो में औरतो
की छवि कुछ इस तरह से दिखाई जाती है जेसे वोह एक ओरत ना हो कोई चीज हो,टीवी चैनल और आज कल की फिल्मे एक तरह से लोगो की मानसिकता खराब करती है,इस कारण लोग एक औरत को सिर्फ एक भूख मिटाने वाली चीज समझते है,कुछ लोग नहीं समझ पाते की औरत जननी है,औरत माँ है अगर हम औरतो के इस तरह से प्रचार करेंगे तोह यकींन मानिए वोह दिन दूर नहीं जब औरते बिलकुल भी सुरक्चित नहीं बच पाएंगी. इसलिए ऐसे लोगो से मेरा अनुरोध है की अगर film का प्रचार करवाना है तोह अपने talent के दम पर करे,औरत का शरीर दिखाकर film का प्रचार ना करे.

 (2)लोगो की मानसिकता-

दोस्तों औरतो पर अत्याचार,मारपीट करना,बलात्कार,प्रताड़ना देना,दहेज़ ना दे पाने पर नारीओ को परेशान करने का एक कारण है लोगो की मानसिकता क्योकि आजकल इस तरह के वातावरण से लोगो की मानसिकता खराब हो गयी है,वोह नहीं समझते की अगर हम किसी औरत पर अत्याचार करेंगे तोह हमारी बहन,बेटिया कैसे सुरक्छित रहेंगी? लोग तोह दूर की बात है जिन लोगो को औरतो
की सुरक्छा की जिम्मेदारी सोपी गई है वोह भी औरतो की सुरकच्छा नहीं करते,इतना ही नहीं कुछ लोगो को तोह मैंने देखा है की वोह लोग औरतो को औरत नहीं बल्कि अपना गुलाम समझते है,उन लोगो को समझना चाहिए की आपको जन्म तोह एक औरत ने ही दिया है.

हमें औरतो को सम्मान की दृष्टी से देखना चाहिए और उन्हें किसीसे कमजोर नहीं समझना चाहिए.इन्हें भी पढिये-नारी का महत्व पर निबंध  Aaj ki Bhartiya Nari First Loco Pilot Pratibha in Hindi नक्सली इलाके तक train चलने की कहानी

(3)औरतो की मदद ना करना-

कुछ लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते है अगर किसी बहिन बेटी पर अत्याचार होता है तोह लोग किनारा कर लेते है,वोह उनकी मदद नहीं करते,लोग सोचते है की हम क्यों उसकी मदद करे.लोगो को सोचना चाहिए की अगर हम किसी लड़की पर हो रहे अत्याचार को रोकने की कोशिश नहीं करेंगे तोह इस देश का विकाश कैसे हो सकेगा.क्योकि इन्सान जो भी करता है उसका असर देश में होता है.

(4)औरतो का अपने आपको कमजोर समझना-

मेरे ख़याल से औरतो पर अत्याचार का सबसे बड़ा कारण है औरतो का अपने आपको कमजोर समझना है,औरतो को समझना चाहिए
की वोह किसी से काम नहीं है वोह चाहे तोह कुछ भी कर सकती है,हमारे देश की नारी शुरू से ही अपने आप को कमजोर समझना चाहिए,नारी को दुस्त लोगो से डरना नहीं चाहिए बल्कि उनका सामना करना चाहिए,क्योकि अगर वोह चाहे तोह कुछ भी कर सकती है.

“Nari Ki Shakti” ek prernadayak kahani

कहते है नारी तोह कमजोर होती है लेकिन कमजोर नहीं बल्कि एक ऐसी ज्वाला होती है जो निकले तोह सबकुछ तवाह कर सकती है और अपने होसले बताये तोह कुछ भी कर सकती है,ये एक ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है जिससे साबित हो सकेगा की आज कल की नारी भी कमजोर नहीं है,बस वोह अपने आप को कमजोर ना समझे.एक बार उत्तराखंड की एक महिला ने एक ऐसा काम कर दिखाया जिसे कर पाना आदमियों के लिए भी मुश्किल होता है.वोह महिला एक तेंदुए से भिड पड़ी और साबित कर दिया की औरत किसी से कमजोर नहीं वोह चाहे तोह कुछ भी कर सकती है.
दराह्सल हुआ कुछ यु की उत्तराखंड की एक 56 बरसिये महिला जिसका नाम कमला देवी था.एक दिन वोह वोह जंगल से घर की ओर जा रही रही थी तोह रास्ते में उन्हें एक तेंदुए ने रोक लिया लेकिन कमला देवी जी घबराई नहीं बल्कि उन्होंने उस तेंदुए से मुकाबला करने का मन बना लिया.
अगर वोह मुकाबला नहीं करती तोह ये पक्का है की वोह वही ढेर हो जाती लेकिन उन्होंने ये तय किया की मुझे मरना नहीं जीना है,मुझे अपनी जान बचानी है,इतना सोचकर वोह तेंदुए से जा भिड़ी और घंटो तक उनकी ये लड़ाई चली,इस लड़ाई में उनकी कुछ हड्डिया टूटी और कई जगह से खून बहने लगा.आखिर में कमला देवी जी ने उस तेंदुए को धरासाही कर दिया  और फिर वोह एक km दूर चलकर पेडल अपने गाव पहुची,गाव वालो ने उनकी मदद की.
तोह इस तरह से एक महिला एक तेंदुए से जीत गयी,आजकल की नारीओ को भी इतना ही हिम्मतवाली होनी चाहिए और उनको किसी से भी भाह्भित होने की जरुरत नहीं है.
अभी हाल ही में मैंने एक केस देखा की दो व्यक्तियों ने एक मॉडल के साथ कुछ गलत किया और इतना ही नहीं उसके शरीर पर काफी चोटे दी.अब ये तोह सरासर गलत है वोह लडकिय किसी ना किसी की बहन या बेतीय तोह होंगी ही.ऐसे लोगो के साथ सरकार को सक्ती से पेश आने की जरुरत है और इतना ही नहीं नारीओ को भी अपनी शक्ति पहचानने की जरुरत है.तभी हमारे देश में महिलाओ के खिलाफ अपराध काम हो सकेंगे.
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