नितीश कुमार की जीवनी “Nitish Kumar Biography in Hindi”

Nitish Kumar Biography in Hindi

हेलो फ्रेंड्स कैसे हैं आप सभी दोस्तों आज हम एक ऐसे महान इंसान Nitish Kumar Biography in Hindi के बारे में पढेंगे जिन्होंने अपने कामों की वजह से पूरी दुनिया में अच्छा नाम कमाया है वह बिहार के मुख्यमंत्री हैं और लोगों में काफी लोकप्रिय भी हैं दोस्तों कहते हैं जीवन में अगर कुछ बहुत बड़ा करना हो तो बहुत सी मुसीबतों का सामना भी करना ही होगा तभी हम अपने जीवन में एक बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं तभी हम एक साधारण फैमिली से लोगों के बीच में एक पहचान बना सकते हैं दोस्तों इन्हीं में से एक हैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिन्होंने बहुत सारी नाकामयाबियों के बाद अपने जीवन में एक बहुत बड़ी सफलता अर्जित की है तोह चलिए पढते है Nitish Kumar Biography in Hindi जो आपको काफी प्रेरित करेगी.

Nitish Kumar Biography in Hindi

शुरूआती जीवन

नितिश कुमार जी का जन्म बिहार के पटना जिले में 1 मार्च 1951 को हुआ था उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी क्योंकि इसमें उन्हें थोड़ी बहुत रुचि थी,यह बात थी तब की जब हमारे देश में सन 1975 में इमरजेंसी लगी हुई थी तभी नितिश कुमार और बहुत से इसी तरह के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया और काफी मुसीबतें झेली तभी से उन्होंने जनता पार्टी का गठन किया.

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राजनेतिक जीवन

नितीश कुमार जी ने सन 1977 में विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन इसमें इनको हार मिली लेकिन फिर भी हार नहीं मानी और अपनी लगातार की हुयी मेहनत और ईमानदारी से एक बार और सन 1980 में विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका मिला लेकिन इसमें भी उनको हार मिली भले ही ये लगातार चुनावों में हार रहे थे लेकिन इन पर हार का कोई विशेष प्रभाव नहीं था क्योंकि ये अपनी ईमानदारी और लगन से लगातार अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे थे और लगातार मेहनत किए जा रहे थे.कहते हैं जब एक इंसान मेहनत करता है तो उसे उसका फल भी जरुर मिलता है.

सन 1985 में पहली बार नीतीश कुमार को जीत मिली और फिर कुछ समय बाद युवा लोकदल के अध्यक्ष भी बने,इन्हें जनता दल का प्रदेश सचिव बना दिया गया,फिर इन्हें लोकसभा चुनाव में भी जीत मिली और कुछ समय बाद केंद्र में मंत्री यानी केंद्रीय मंत्री बने.अपने अच्छे कामों के कारण इन्हें आगे कृषि राज्यमंत्री के तौर पर काम करने का मौका मिला लेकिन इनका लक्ष्य अभी दूर था.नितेश कुमार की पार्टी बिखर चुकी थी उसके नेता बिखर चुके थे,इन्हें बहुत बड़ी निराशा का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार फिर भी नहीं मानी,उन्होंने समता पार्टी के साथ काम किया लेकिन इन्हें बुरी तरह से हार मिली लेकिन अपने अच्छे एक्सपीरियंस के कारण,नॉलेज के कारण इन्हें रेल मंत्री बना दिया गया.

इनके ऊपर जिम्मेदारी थी.एक बार किसी कारण बस रेल की दुर्घटना हो गई सभी ने इन्हें जिम्मेदार ठहराया इन्होंने उसी समय इस्तीफा दे दिया,

सफलता से असफलता

फिर सन 2000 में इन्हें चुनावों में हिस्सा लेने का मौका मिला और बिहार के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भी बने लेकिन शायद किस्मत इनके साथ खेल खेल रही थी 7 दिन में इनको अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा.फिर इन्हें कृषि मंत्री बना दिया गया और लगभग 2001 में फिर से रेल मंत्री बने.इसी तरह समय बीतता गया और 2005 में फिर से चुनाव हुए और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री पद पर काम किया यानी बिहार के मुख्यमंत्री बन गए.2010 में फिर मुख्यमंत्री के चुनाव हुए,इनमे इन्हें भारी जीत मिली लेकिन इनके भाजपा से संबंध बिगड़ते जा रहे थे क्योंकि भाजपा के श्री नरेंद्र मोदी जी के विरोध में थे तो इनका गठबंधन टूट गया और 2014 के लोकसभा चुनावों में बुरी तरह से हारे तो इन्होंने खुद ही इस्तीफा देने का फैसला किया और उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

दोस्तों इस समय इस्तीफा देने के बाद बिहार का मुख्यमंत्री किसी ओर को बना दिया लेकिन नितेश कुमार और उस मुख्यमंत्री के बीच में हमेशा विवाद होते रहे और इस तरह से उसकी सरकार गिर गई

बड़ी सफलता

देश में एक बार फिर मुख्यमंत्री के चुनाव हुए और नितेश कुमार जी बिहार के मुख्यमंत्री बन गए.आज भी वह बिहार के मुख्यमंत्री हैं,हमेशा से ही नितीश कुमार नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ थे लेकिन नरेंद्र मोदी जी के नोट बंदी के फैसले के बारे में नितीश कुमार जी ने बहुत ही अच्छा बोला और इस फैसले को बहुत अच्छा फैसला बताया और नरेंद्र मोदी जी की तारीफ की.इस तरह से नितीश कुमार जी बिहार के एक बहुत ही अच्छे मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं और जनता उन्हें पसंद भी करती हैं.

तो दोस्तों इस तरह से एक साधारण व्यक्ति बिहार के मुख्यमंत्री बने और पूरी दुनिया में जाना जाने लगे,हमको भी उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और लगातार मिल रही असफलताओं को स्वीकारना चाहिए और इन्हें अपनी जिंदगी का एक हिस्सा बनाना चाहिए और हमेशा अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए.

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