तीन मछलियां और तालाब Three fishes story from panchatantra

Three fishes story from panchatantra

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए हैं एक बहुत ही बेहतरीन कहानी Three fishes story from panchatantra जो आपको शिक्षा देगी.काफी समय पहले की बात है कि एक तालाब में तीन मछलियां रहती थी वह मछलियां तालाब में खुश थी.एक दिन मछुआरे उस तालाब के पास आए उन्होंने उस तालाब में बहुत सी मछलियों को देखा तो वह एक दूसरे से बातें करने लगे कि इस तालाब में मछलियां तो बहुत सारी हैं हम कल सुबह आएंगे और इस तालाब की मछलियों को पकड़ कर ले जाएंगे.

Three fishes story from panchatantra
Three fishes story from panchatantra

उन दोनों की बात जब उन तीन मछलियों ने सुनी तो वह आपस में बात करने लगी.पहली मछली बोली की अब मैं इस तालाब में नहीं रहूंगी मैं किसी दूसरे तालाब में जा रही हूं दूसरी मछली बोली कि मैं तो इस में ही रहूंगी क्योंकि मेरा परिवार भी इस में ही रहता है तीसरी मछली भी कहने लगी कि मैं भी इसी तालाब में रहूंगी.इस तरह से वो दो मछलीया अपने-अपने फैसले लेकर उस तालाब में रहने लगी.सुबह के टाइम वही 2 मछुआरे आएं और अपना जाल उस नदी में फैलाने लगे और सारी मछलियां मछुआरे के जाल में फंस गई लेकिन उस तालाब में रह रही दो मछलियों में से एक मछली अकलमंद थी जैसे ही उस मछली को जाल में फंसाकर बाहर निकाला गया तो वह अपनी सांस रोक कर एकदम मृत के समान रही.

जब उन मछुआरों ने उस मछली को देखा तो मरी हुई मछली समझकर उन्होंने उस मछली को उसी तालाब में फेंक दिया लेकिन वह दूसरी मछली को अपने साथ पकड़कर ले गए इस तरह से एक मछली ने अपनी अकलमंदी से अपनी जान बचा ली इसलिए दोस्तो हमें जीवन में इस तरह की परेशानी का सामना करने के लिए समय के महत्व को समझना चाहिए और अपनी अकल का इस्तेमाल करके उस मुसीबत से निकलने की कोशिश करना चाहिए।

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