राजा की अच्छाई

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज की हमारी कहानी आपके लिए बहुत ही मददगार कहानी साबित होगी दोस्तों आज के इस जमाने में हमें तरह-तरह के लोग मिलते हैं जिनमें से कुछ लोग बुरे होते हैं तो कुछ लोग अच्छे.जो लोग अच्छे होते हैं कुछ लोग उनके बारे में सोचते है कि जमाने में वो आगे नहीं बढ़ सकता लेकिन दोस्तो आज की हमारी कहानी आपको शिक्षा देगी कि हम अच्छाई के साथ चलेंगे तो ही हम जिंदगी में कुछ अच्छा कर सकते हैं और जिंदगी में आगे बढ़ सकते हैं तो चलिए पढ़ते हैं हमारी आज की इस कहानी को


दोस्तों काफी समय पहले की बात है एक राज्य में एक राजा राज्य करते थे वह राजा बहुत ही अच्छे स्वभाव के थे वह एक बहुत ही अच्छे इंसान भी थे वह हमेशा दूसरों के साथ अच्छा बर्ताव रखते थे दूसरों की मदद करते थे वह जिंदगी में हर समय हर गरीब की मदद करने के लिए तत्पर रहा करते थे एक समय की बात है की एक लालची व्यक्ति जो उनके राज्य में था वह हमेशा राजा से बहुत हीअच्छी तरह से बर्ताव करता था राजा की हर बात मानता था,हर आज्ञा का पालन करता था दरअसल वह सोचता था कि मैं अगर राजा के साथ एक अच्छे इंसान बनने का नाटक करूंगा तो राजा मुझे जरूर ही तहखाने की रखवाली के लिए कह देगा और में उस बहाने बहुत सा सामान ले सकूंगा इस तरह से सोचते हुए उस व्यक्ति ने अपनी योजना जारी रखी.उसने हर तरह से राजा को अपने प्रति विश्वास दिलाने की कोशिश की और इस तरह से कुछ समय बाद राजा को उसपर विश्वास हो गया उसने उस व्यक्ति पर विश्वास करके एक दिन बुलाया और उससे कहा कि आप हमारे तहखाने की रखवाली कीजिये मुझे आप जैसे ही एक व्यक्ति की तलाश थी.ऐसा सुनकर उस व्यक्ति को बहुत ही खुशी हुई और उसने उस मौके को अपने हाथ से नहीं जाने दिया.

जब भी वह व्यक्ति तहखाने की रखवाली करता तो वह समय पाकर राज्य के तहखाने में घोटाला करने लगा.वह व्यक्ति रखवाली करने के बहाने से सोना चांदी और पैसों को इधर-उधर करता और घोटाले करता जब राजा को इस बात का पता लगा तो राजा ने उस व्यक्ति को अपने राज्य से निकलवा दिया ऐसा सुनकर उस व्यक्ति को बहुत ही गुस्सा आया और उस व्यक्ति ने राजा को जान से मारने का फैसला किया दरअसल उस व्यक्ति ने राजा के खाने में जहर मिलाने की योजना बनाई और उसने उसके खाने में जहर मिला दिया और जब खाना सभी लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया गया तो राजा तो दयालु था राजा ने वह खाना अपनी प्रजा में बांटने का फैसला किया लेकिन जब यह बात उस व्यक्ति को पता लगी तो उसने सोचा कि प्रजा के लोगों को बेकसूर लोगों को मेरी वजह से मरना पड़ेगा इसके लिए मुझे बहुत बड़ा पाप लगेगा उसने उस राजा के समक्ष आकर अपने अपने किए गए काम के लिए माफी मांगी और जब उस व्यक्ति को पछतावा हुआ तो राजा ने उस व्यक्ति को माफ कर दिया इस तरह से अच्छाई की जीत हुई.
राजा बहुत अच्छा था इसलिए उसकी जान बच गई.हम सभी को भी इस बात से सीख लेने की जरूरत है.हमको एक अच्छा इंसान बनने की जरूरत है जब हम एक अच्छे इंसान बनेंगे तब लोग हम पर विश्वास करेंगे और हम किसी भी मुसीबत से दूर जा सकेंगे.

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