राष्ट्रपति भवन का इतिहास Essay & History on rashtrapati bhavan in hindi

Essay & History on rashtrapati bhavan in hindi

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Essay & History on rashtrapati bhavan in hindi
Essay & History on rashtrapati bhavan in hindi

राष्ट्रपति भवन वह भवन होता है जो राष्ट्रपति का निवास स्थान होता है हमारे देश के राष्ट्रपति भारत के गणराज्य के कार्यपालक अध्यक्ष होते हैं भारत के राष्ट्रपति भारत के नागरिक ही होते हैं यानी भारत के राष्ट्रपति भारत का निवासी होना बहुत जरूरी होता है राष्ट्रपति किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति को हटाने या लगाने की घोषणा करने वाला होता है उनके पास बहुत सारे पर्याप्त अधिकार होते हैं हमारा भारत देश राष्ट्रपति को बहुत ही सम्मान की दृष्टि से देखता है राष्ट्रपति के निवास स्थान राष्ट्रपति भवन हम सभी के लिए देखने योग्य है क्योंकि वह पूरी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रपति भवन है यह सरकार के द्वारा राष्ट्रपति को रहने के लिए दिया जाता है चलिए सबसे पहले जानते हैं कि राष्ट्रपति भवन का निर्माण किस तरह से हुआ दरअसल 1911 में यह फैसला लिया गया कि दिल्ली में ब्रिटिश वायसराय के रहने के लिए उचित स्थान के रूप में एक शानदार इमारत का निर्माण किया जाए इसी वजह से इस इमारत का निर्माण किया गया इसके बाद सन 1912 में इसका कार्य शुरू होने लगा 17 सालों तक राष्ट्रपति भवन का निर्माण का कार्य जारी रहा.सन 1929 में राष्ट्रपति भवन का निर्माण पूरा हुआ इस राष्ट्रपति भवन के निर्माण में लोहे का प्रयोग ना के बराबर हुआ है यह राष्ट्रपति भवन लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है इसके निर्माण कार्य में लगभग 29000 लोग काम पर लगाए गए थे.

राष्ट्रपति भवन के निर्माण के बाद उसका उद्घाटन किया गया और उद्घाटन के बाद वायसराय उसमें रहने लगे उद्घाटन के सिर्फ 2 दिनों बाद ही महात्मा गांधी जी अपने नमक सत्याग्रह आंदोलन में जेल गए थे जेल के बाद वो उस भवन में गए वहां पर वायसराय ने चाय पिलाने का सोचा लेकिन महात्मा गांधी ने उसे निंबू पानी पिलाने को कहा.महात्मा गांधी जी ने नींबू पानी पिया राष्ट्रपति भवन के बारे में और भी बहुत सी ऐसी जानकारी है जिन्हें लोग पढ़ना चाहते हैं.

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राष्ट्रपति भवन में रहने वाले सर्वप्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद थे इसके बाद ओर भी बहुत सारे आगे आने वाले राष्ट्रपतियों ने इसे अपना आवास बनाया लेकिन इससे पहले इस भवन में वायसराय रहते थे लेकिन इनके बाद इस भवन में सरकारी आवास के रूप में राष्ट्रपति रहने लगे.26 जनवरी 1950 को प्रथम राष्ट्रपति का इसमें आवास बना वाकई में राष्ट्रपति भवन बहुत ही सुंदर है राष्ट्रपति भवन में फना फिल्म का एक गाना किया गया था.राष्ट्रपति भवन में लगभग 750 कर्मचारी काम करते हैं यह राष्ट्रपति भवन में अलग-अलग कक्षों में काम करते हैं हर साल फरवरी के महीने में यहां पर एक त्यौहार मनाया मनाया जाता है जिसका नाम है उद्यानोत्सव.यह हर साल राष्ट्रपति भवन के पीछे मनाया जाता है और यह जनता के लिए भी कुछ समय तक खोला जाता है जिसमें कोई व्यक्ति अपना पहचानपत्र बताकर इसमें प्रवेश कर सकता है राष्ट्रपति भवन के अंदर गौतम बुद्ध की प्रतिमा बनी हुई है जो बहुत ऊंचाई पर है जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगती है इसके अलावा और भी इसमें बहुत सारी विशेष प्रकार की विशेषताएं हैं भारत सरकार ने इसको ठीक प्रकार से रखरखाव के लिए 2007 में बहुत खर्चा किया.

एक न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार इसमें लगभग 100 करोड़ के आसपास खर्चा किया गया.शनिवार को यहां पर एक चेंज ऑफ गार्ड नामक समारोह आयोजित किया जाता है यह समारोह 10:00 बजे से 10:30 बजे तक चलता है जिसमें कोई भी नागरिक देखने के लिए अंदर प्रवेश कर सकता है इसके लिए बस उनको अपना आइडेंटी कार्ड बताने की जरूरत होती है इसके अलावा भी राष्ट्रपति भवन में बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो हमें उसकी एक झलक देखने के लिए प्रेरित करता है हमारे भारत के राष्ट्रीय भवन में बहुत सारे लोकप्रिय राष्ट्रपतियों ने इसमें अपना आवास स्थान बनाया है यह आवास स्थान दिल्ली के बीचो-बीच बहुत ही अच्छा सुशोभित होता है वाकई में राष्ट्रपति भवन की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है.

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