शिक्षा का अधिकार पर निबंध Hindi essay on shiksha ka adhikar

Hindi essay on shiksha ka adhikar

Right to education essay in hindi-हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल Hindi essay on shiksha ka adhikar आप सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है कोई भी विद्यार्थी अपने स्कूल,कॉलेज में निबंध लिखने के लिए हमारे द्वारा लिखे गए इस निबंध से जानकारी ले सकते हैं और अपनी परीक्षा की तैयारी और भी बेहतर कर सकते हैं इसके अलावा आप सभी इस निबंध के द्वारा शिक्षा के अधिकार के बारे में अच्छी जानकारी भी हासिल कर सकते हैं तो चलिए पढ़ते हैं आज के हमारे इस निबंध को

Hindi essay on shiksha ka adhikar
Hindi essay on shiksha ka adhikar

शिक्षा हम सबकी एक मूलभूत आवश्यकता है शिक्षा हमारे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि कहते हैं शिक्षा के बिना एक इंसान पशु के समान होता है हर एक इंसान को उचित शिक्षा प्राप्त करना चाहिए क्योंकि शिक्षा के द्वारा हम किसी भी विषय पर सही या गलत निर्णय ले सकते हैं और जीवन में आगे बढ़ सकते हैं शिक्षा के जरिए हम कुछ करने कुछ अच्छा करने के काबिल बन सकते हैं आज के इस आधुनिक युग में शिक्षा हर किसी के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है जैसे की हम सभी जानते हैं कि पहले के जमाने से इस आधुनिक युग में काफी कुछ परिवर्तन हुआ है बहुत से क्षेत्रों में से शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुत बड़ा परिवर्तन हुआ है आजादी से पहले बहुत सारे ऐसे महान पुरुष थे जिन्होंने हर एक इंसान को शिक्षित करने के लिए काफी योजनाएं बनाई, काफी प्रयत्न किया लेकिन वह इस विषय में कुछ भी नहीं कर पाए लेकिन 2003 में इस विषय पर काफी कुछ विचार किया गया 2003 में शिक्षा के अधिकार को लेकर लोगों के सामने एक सुझाव के रूप में प्रस्तुत किया गया काफी सुझाव एवं विवादों के पश्चात इस पर विचार किया लेकिन यह बिल पास नहीं हुआ.

2009 में ये बिल राज्यसभा एवं लोकसभा ने पास कर दिया इसके तहत हर एक नागरिक को शिक्षा के विशेष अधिकार दिए गए कुछ समय बाद ही 1 अप्रैल 2010 को इन अधिकारों को पूरे देश में लागू कर दिया गया इसके तहत भारत देश के हर एक बच्चे को शिक्षा का अधिकार प्राप्त है जिस बच्चे की उम्र 6 साल से लेकर 14 साल के बीच में है वह निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकता है जिन गांव में स्कूल नहीं है उन गांव में जल्द से जल्द स्कूल खुलवाने के निर्देश दिए गए और शिक्षा की ओर बहुत सारे अच्छे कदम उठाए गए इसके अलावा इस अधिनियम से पहले बच्चों को स्कूल में दाखिला लेने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना होता था लेकिन शिक्षा के अधिकार के इस बिल के पास हो जाने के बाद कोई भी बच्चा जिसका भले ही जन्म प्रमाण पत्र या आय प्रमाण पत्र आदि ना हो तो भी उसे स्कूल में भर्ती कराया जा सकता है क्योंकि शिक्षा हर किसी के लिए अनिवार्य है इस नियम के बाद स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया गया और शिक्षको के द्वारा स्कूलों में उचित शिक्षा प्रदान की जाये इस तरह के बहुत सारे नियम जो इस प्रस्ताव के साथ स्वीकृत किए गए उसमें यह भी कहा गया कि इस तरह के खर्चे में जो भी खर्च आता है वह राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार दोनों को मिलकर उठाना होगा इसके अलावा जिन जगहों पर शिक्षकों की संख्या कम होती थी तो छात्रो को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था लेकिन इस अधिनियम के लागू होने के बाद 40 छात्रो में एक शिक्षक अनिवार्य होगा राज्य सरकारों को ये कड़े निर्देश दिए गए कि अगर शिक्षकों की कमी है तो वह भर्ती निकालें और शिक्षा में आ रहे व्यावधान को खत्म करें.

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शिक्षा का अधिकार का अधिनियम हर किसी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के इस जमाने में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो गरीब हैं जो अपने बच्चों को उचित शिक्षा नहीं दे पाते हैं क्योंकि उनके पास पैसा खर्च करने के लिए नहीं है उनके लिए शिक्षा के अधिकार जिसमें बच्चों को फ्री में शिक्षा लेने का अवसर प्रदान किया जाएगा एक वरदान साबित हो सकता है दरअसल बहुत सारे ऐसे गरीब मां बाप हैं जो अपने घर का खर्चा उठाने के लिए अपने साथ में अपने बच्चों से भी काम करवाते हैं लेकिन इस अधिकार के बाद गरीब बच्चों को भी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और वह भी जीवन में कुछ अच्छा और बड़ा कर सकते हैं आज हमारे भारत देश में ऐसे बहुत सारे गरीब मां बाप हैं जिनके बच्चे प्राइवेट निजी स्कूलों में नहीं पढ़ पाते हैं क्योंकि उनके पास पैसा नहीं है वह मां बाप अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ा कर उन्हें कुछ अच्छा करने के काबिल बना सकते हैं शिक्षा का अधिकार के इस अधिनियम के अनुसार हर स्कूल में सभी तरह की व्यवस्थाएं होनी चाहिए स्कूल में पुस्तकालय,खेलकूद की उचित व्यवस्था आदि भी होनी चाहिए जिससे विद्यार्थी पुस्तकालय में अपनी स्वेक्षा से उचित शिक्षा प्राप्त कर सकें और हर तरह की जानकारी ले सकें साथ में उसको कुछ समय खेलने कूदने के लिए भी दिया जाए.

वाकई में शिक्षा का अधिकार ने हमारे भारत देश में 2010 के बाद एक क्रांति ला दी थी जिसके तहत गांव के बहुत सारे बच्चे पढ़ने लगे उन्हें भी उचित शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलने लगे वाकई में शिक्षा का क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जो सबसे बढ़कर होता है हर किसी की जिम्मेदारी है कि वह एक दूसरे को अपने शिक्षा के अधिकार के ऊपर बने हुए नियमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं जिससे लोगों को अपने अधिकार समझ में आए हम सभी को भी इसमें सहयोग करना चाहिए.स्कूलों को बच्चों को उचित शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए और अमीर एवं गरीब के बच्चों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए शिक्षा का अधिकार मिलने के बाद हमारे भारत देश में पढ़े लिखे युवा वर्ग की संख्या बढ़ी है और देश का विकास तीव्र गति से हो रहा है.

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