ओलंपिक खेलों पर निबंध Olympic games essay in hindi

Olympic games essay in hindi

हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी,दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल Olympic games essay in hindi आपके लिए बहुत ही मजेदार रहेगा.दोस्तों हम अक्सर बहुत सारे खेल खेलते हैं जिनमे हम जीतने का प्रयास करते हैं हम जब उन खेलों में जीतते हैं तो हमें खुशी का अनुभव होता है लेकिन ओलंपिक खेलों में जीतना बहुत ही मुश्किल होता है और इनमे जीतकर जो खुशी का अनुभव होता है उसकी कल्पना करना ही बहुत खुशी प्रदान करती है.

Olympic games essay in hindi
Olympic games essay in hindi

ओलंपिक खेल वर्ल्ड लेवल पर खेले जाते हैं और देश दुनिया के बहुत सारे खिलाड़ियों की आपस में मुलाकात होती है आज हम ओलंपिक खेलों के बारे में विस्तृत जानेंगे.यहां पर लिखी इस जानकारी का उपयोग आप अपने स्कूल कॉलेज की परीक्षा में कर सकते हैं साथ में अपनी जानकारी बढ़ाने के लिए भी इस निबंध का उपयोग कर सकते हैं चलिए पढते हैं हमारे द्वारा लिखित इस निबंध को.

ओलंपिक खेलों का आयोजन 776 ई. पूर्व मैं ओलंपिया नामक शहर में हुआ था ओलंपिया शहर यूनान में स्थित है दरह्सल ओलंपिक खेल इस शहर के ओलंपिया पर्वत पर खेला जाता था इसलिए इसका नाम ओलंपिक पड़ा.ओलिंपिक गेम प्रत्येक 4 साल बाद खेला जाता है प्राचीन काल के ओलंपिक खेल में राज्य और सभी शहरों के लोग भारी मात्रा में देखने के लिए आते थे.पहले भी लोग इसे बहुत पसंद करते थे इस खेल में दौड़,मुक्केबाजी,कुश्ती आदि प्रतियोगिता के रूप में खेले जाते थे इन खेलों में जो जीतता था उसको सम्मानित किया जाता था लेकिन किसी कारणवश प्राचीन काल के ओलंपिक गेम का समापन हो गया था लेकिन समय के साथ 19वीं सदी में जब ओलंपिया शहर की खुदाई की गई तब उसमें कुछ ऐसे निशान मिले जिसके बाद ओलंपिक खेलों के बारे में जानकारी मिली और फिर से ओलंपिक खेलों का चलन बढ़ने लगा.ओलम्पिक खेलो के प्रथम अध्यक्ष पियरे डी कुबर्तिन थे जिन्होंने अपने प्रयासों से ओलंपिक खेलों का आधुनिक समय में प्रारंभ किया था ये बहुत ही अच्छे खेलप्रेमी थे.ओलंपिक खेल 4 साल के बाद खेले जाते थे और ओलंपिक आयोजन समिति द्वारा खेल प्रत्येक बार निश्चित किये गये देश के शहर में खेला जाता था जिसमें दुनिया भर के खिलाड़ी खेलने के लिए आते थे ओलंपिक गेम उन्नीसवीं सदी के बाद आज तक लगातार 4 साल बाद खेले जाते हैं लेकिन 19वीं सदी में कुछ समय ऐसा भी आया जब ओलंपिक खेलों को स्थगित कर दिया गया था.1940 और 1944 के गेम विश्व युद्ध की वजह से स्थगित कर दिए गए थे.बहुत सारे खिलाड़ियों को इस वजह से निराशा का सामना भी करना पड़ा.

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इसका एक उदाहरण हम करौली तकाक्स के बारे में देख सकते हैं करोली तकाक्स जो की एक पिस्तौल शूटर था लेकिन एक ट्रेनिंग कैंप के दौरान उसका दायां हाथ टूट गया था उसने सिर्फ अपने बाएं हाथ के द्वारा पिस्तौल सूट की प्रेक्टिस की थी लेकिन 1940 में विश्व युद्ध के कारण ओलंपिक गेम रोक दिए गए थे उसने अपना पूरा ध्यान 1944 ओलंपिक गेम में लगा दिया लेकिन 1944 के ओलंपिक गेम भी स्थगित कर दिए गए थे जिस वजह से करौली को परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन जब 1948 ओलंपिक गेम हुआ तो उसने भाग लिया और आखिरकार गोल्ड मेडल जीता उसके 4 साल बाद जब ओलंपिक हुआ तो भी उसने गोल्ड जीता और पूरी दुनिया में एक पहचान बनाई.ऐसे बहुत से उदाहरण देखने को मिलते हैं.

प्राचीन काल में जो ओलिंपिक होते थे उसमें महिलाओं को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं थी लेकिन आधुनिक युग का जब 1896 का ओलंपिक गेम हुआ तो उसमें भी महिलाओं को शामिल नहीं किया गया लेकिन 1900 में ओलंपिक गेम खेला गया तो उसमें महिलाओं को शामिल करने का विचार किया गया और महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया. जिस साल ओलंपिक गेम प्रतियोगिता होती है उस साल को ओलंपियाड नाम से भी जाना जाता है.
1960 की ओलंपिक गेम की दौड़ प्रतियोगिता में विल्मा रुडोल्फ नाम की एक लड़की ने 3 गोल्ड मेडल जीते थे जोकि अमेरिका से थी और अपाहिज थी वाकई में वो ओलंपिक गेम्स के इतिहास में महिलाओं के लिए एक प्रेरणा देती हैं इस तरह से हम देखें तो ओलंपिक में महिलाओं ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था वह भी किसी से पीछे नहीं रही.
ओलंपिक खेलों की प्रतियोगिता में जो खिलाड़ी प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करता है उन्हें क्र्मशा स्वर्ण पदक,रजत और कांस्य पदक से सम्मानित किया जाता है इसी के साथ में जीतने वाले को प्रमाण पत्र भी दिया जाता है और जो खिलाड़ी चतुर्थ स्थान से अष्टम स्थान प्राप्त करता है उसे केवल प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाता है ओलंपिक खेल समय समय पर हर 4 साल में अलग-अलग जगह पर खेले जाते हैं.

भारत ने लगभग 1920 से ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेना शुरू किया. भारत ने इस ओलंपिक खेल प्रतियोगिता में सन 1928 में स्वर्ण पदक जीता.भारत ने लगातार तीन बार पदक जीते.ये हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है.भारत में 1920 से लेकर 2016 तक लगभग 26 पदक जीत लिए हैं इनमें से 8 पदक स्वर्ण पदक हैं.ओलम्पिक में लगभग 200 से ज्यादा देश भाग लेते हैं आज ओलंपिक गेम काफी पसंद किए जाते हैं.

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